Blog Archive

Tormenting everyone/ himself/those about him

Tormenting

Verb

Causing intense or severe distress to body or mind; 

Inflicting pain or agony; or annoying severely

सताना

किसी जीव को (चाहे वह पशु हो अथवा मनुष्य) तीक्ष्ण या गंभीर कष्ट पहुंचाना, पीड़ा देना, या दर्द देना। कुछ ऐसा करना जिससे वह जीव चिंतित हो जाए और गंभीर रूप से परेशानी महसूस करें।

दूसरे शब्दों में कहें तो व्यक्ति अथवा पशुओं का उत्पीड़न करना उसके शरीर या मन को गंभीर तकलीफ देना।

किसी के मन को छलनी कर दे ऐसा कष्ट देना, ऐसा कुछ कह देना या ऐसा कुछ कर देना जिससे किसी के मन को गहरा आघात पहुंचे। या उसको शारीरिक रूप से थका देना, कुछ ना कुछ ऐसा करवाते रहना कि वह थक जाए, परेशान हो जाए।

Tormenting everyone

Tormenting को आप पढ चुके है

Everyone

Pronoun

Every Person

हर कोई, प्रत्येक व्यक्ति

इस रुब्रिक के अन्तर्गत रोगी स्वयं सहित सभी को सताता है। ऐसा रोगी अपने आप को भी तकलीफ पहुंचाता है और साथ साथ अन्य सभी को भी परेशान करता रहता है।


Tormenting himself

Tormenting को आप पढ चुके है

Himself

Pronoun

स्वयं को, खुद को

अतः उपरोक्त अर्थ के अनुसार रुब्रिक का अर्थ होगा स्वयं को सताना या खुद को ही परेशान करना, खुद ही तकलीफ पहुंचाना, दर्द देना


Tormenting those about him

Tormenting को आप पढ़ चुके हैं।

Those (plural of that)

Pronoun

उन, इन

About

Preposition

Present in a place

किसी स्थान मे उपस्थित/आसपास उपस्थित 

Him

Pronoun 

उस

इस रुब्रिक को इस प्रकार समझना चाहिए कि रोगी अपने आसपास मे उपस्थित व्यक्तियो या पशुओं को सताता रहता है।

दूसरो जो रोगी के आसपास रहते है उनको सताना या कष्ट पहुंचाना, बीमारी की हालत में रोगी जो भी व्यक्ति उसके आसपास पहुंच गया उसको कुछ न कुछ ऐसा कह देगा या काम बता देगा या कुछ न कुछ ऐसा कर देगा कि उन्हें तकलीफ पहुंचने लगती है।

 वह अपनी बीमारी के कारण दूसरो को पीड़ा पहुंचाने लगता है, वह जानबूझकर ऐसा नही करता न ही वह इसे समझ पाता है कि उसके कारण दूसरो को तकलीफ हो रहीं है, पर उसके कार्यों से या कथनों से दूसरो को बहुत तकलीफ़ पहुंच रही होती है।

इस रुब्रिक के रोगी के attendant बताते है कि इनके पास जाना ही गुनाह हो जाता है, अब तो सब लोग इनके पास जाना ही नही चाहते, जो भी इनके पास गया उसी को परेशान कर देंगे।

कहते हैं बैठ जा, पैर दबा और जब वह पैर दबा रहा होता है उसे कहते है ऐसे दबा वैसे दबा, और उसके बाद भी कुछ न कुछ कहते रहते है, वह व्यक्ति यह सोचने को मजबूर हो जाता है कि वह कहां फॅंस गया, क्यो इनके पास आया, और अब कैसे यहां से बचकर निकले।

1 comment:

Message for Readers

यदि इस ब्लॉग पर उपलब्ध जानकारी आपको अच्छी लगे तो कमेंट अवश्य करें व ब्लॉग के बारे मे अपने मित्रो को भी बताएं, होमियोपैथी के इस गूढ़ ज्ञान को हर होम्योपैथ तक पहुँचाने मे हमारा सहयोग करें। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि होम्योपैथी के विकास मे सहयोगी बनें। धन्यवाद

Featured Post

Clinical Case: Aconite Napellus for Fever

एक रोगी जो पेशे से एक singer है वह अपने ससुराल मे चार दिन के लिए रहने आई थी यहां आकर तबीयत खराब हो गई। उनसे फोन पर बात हुई। Pt.- Hello Dr आप...