एक 41 वर्ष का युवक जो कि हमारे पास अपने भाई के इलाज के लिए आता रहता है, एक दिन उसने अपने भाई साहब को बाहर जाने के लिए बोला और कहता है डा. साहब मुझे भी दवा लेनी है,
डा. - बताओ क्या हुआ?
रोगी - मुझे धात की शिकायत है, जब भी मलत्याग के लिए जाता हूँ तभी होती है।
डा.- कब से दिक्कत है?
रोगी- हो तो काफी दिन से रही है।
डा. - फिर आपने पहले क्यों नहीं बताया?
रोगी- शर्म के कारण पहले नहीं बताया।
पिछली बार भी सोच रहा था , पर इस बार तो घर से तय करके आया हूँ कि दवा लेनी है क्योंकि बीमारी जा नही रही , ऐसा न हो कुछ और दिक्कत हो जाए।
डा.- कुछ और मतलब?
रोगी- मतलब हम इसे लापरवाही से लेते रह जाएं और यह अंदर अंदर कोई दिक्कत न कर दे।
उपरोक्त चर्चा के आधार पर निम्नलिखित रुब्रिक हमने चुने
Secretive
Timidity
Shameful
Delusion, possessed being
Fear betrayed of being
और रोगी को Hyoscyamus 30 दवा दी गई, जिसने उसकी समस्या को बहुत ही शीघ्रता से दूर कर दिया।